वाराणसी में पहलगाम आतंकी हमले में नाम आने का खौफ दिखाकर व्यक्ति से साइबर जालसाजों ने 28.65 लाख का साइबर फ्रॉड कर डाला। पीड़ित रामजन्म प्रसाद बड़ागांव थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्हें साइबर जालसाजों ने 6 दिसंबर को पहला फोन किया था। 24 दिसंबर तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा। फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित रामजन्म प्रसाद ने साइबर पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि 6 दिसंबर को सुबह साढ़े 8 बजे अनजान नंबर से काल आई। उधर से बोल रहे व्यक्ति ने खुद को ATS लखनऊ का अधिकारी बताया। उसने बात की और कहा कि आप का नाम पहलगाम आतंकी हमले में आया है। आप फौरन ATS पुणे के कार्यालय से इस संबंध में दस्तावेजों के साथ पहुंचकर NOC ले लें।
पीड़ित ने बताया- साइबर ठगों ने उससे 12 मिनट तक फोन पर बात की और डराया। बोला कि आपका अकाउंट भी चेक होगा। अगर आप को बचना है तो आप को अपना अकाउंट खाली करना होगा। वरना आप को उम्रकैद हो सकती है। इसके बाद उन्होंने डरा धमकाकर मुझसे किसी से भी घर में बात करने से मना कर दिया
रामजन्म प्रसाद ने बताया 6 दिसंबर से 15 दिसंबर तक उन्होंने बात की और डराया धमकाया। कई लोगों ने इस दौरान बातचीत की। उन्होंने कहा की जबतक जांच होगी आप को अपना अकाउंट निल दिखाना होगा और अपने अकाउंट नंबर दिए और मैंने 15 दिसंबर से 24 दिसंबर तक उनके द्वारा बताए गए अकाउंट्स में 28 लाख 65 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी गोपालजी कुशवाहा ने बताया – पीड़ित के बताए गए प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया है। डिजिटल फुट प्रिंट्स लिए जा रहे हैं। साथ ही मोबाइल नंबर से साइबर फ्रॉड को ट्रैक किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
