युवा कांग्रेस के कई नेता हुए हाउस अरेस्ट, पुलिस घेराबंदी पर भड़की कांग्रेस, कहा वाराणसी में अघोषित इमरजेंसी जैसा माहौल, विपक्ष की आवाज से डर रही सरकार

Shwetabh Singh
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वाराणसी. उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. युवा कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा ने योगी-मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शहर में ‘अघोषित इमरजेंसी’ जैसे हालात होने का आरोप लगाया है. चंचल शर्मा का दावा है कि पुलिस ने उन्हें और कई अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं को उनके घरों में नजरबंद (House Arrest) कर दिया है.

 

बिना कारण पुलिसिया पहरा: चंचल शर्मा

चंचल शर्मा, महानगर अध्यक्ष

युवा कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष चंचल शर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कल देर रात से ही उनके आवास और प्रतिष्ठान पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. उन्होंने कहा, “बिना किसी लिखित आदेश या ठोस कारण के मुझे दो दिनों से नजरबंद रखा गया है. यह सीधे तौर पर लोकतंत्र और हमारे संवैधानिक अधिकारों पर हमला है. सरकार विपक्ष की आवाज से इतनी डर गई है कि अब पुलिसिया तंत्र के माध्यम से हमें दबाने की कोशिश कर रही है. ”

इन नेताओं को भी किया गया नजरबंद

चंचल शर्मा के अनुसार, केवल उन्हें ही नहीं बल्कि कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने उनके घरों से बाहर निकलने नहीं दिया.

इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं ,ओम शुक्ला (प्रदेश महासचिव),अनुपम राय (प्रदेश महासचिव), धीरज सोनकर (कैंट विधानभवन अध्यक्ष), सतनाम सिंह (वरिष्ट नेता), राजीव राम एवं अन्य कार्यकर्ता.

 

 

ओम शुक्ला प्रदेश महासचिव

युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ओम शुक्ला ने कहा “उतर प्रदेश सरकार लगातार तानासाही रवइया अपनाई है. हम युवा कांग्रेसी हमारे नेता राहुल गाँधी के सेना है सरकार जितना भी जुल्म करना है तो करले हम डरेंगे नही ओर सरकार के खिलाफ लगातार गलत नीतियों का विरोध व मनरेगा मजदूरों की लड़ाई लड़ते रहेंगे. ”

“सड़क से सदन तक गूंजेगी आवाज”

सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए चंचल शर्मा ने स्पष्ट किया कि युवा कांग्रेस का कार्यकर्ता दमन की राजनीति से डरने वाला नहीं है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा, “सरकार चाहे जितना दमन कर ले, हम नजर मिलाकर लड़ेंगे. यह संघर्ष रुकने वाला नहीं है, तानाशाही मानसिकता के खिलाफ हमारी आवाज सड़क से लेकर सदन तक गूंजेगी. ”

राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हैं. कांग्रेस का आरोप है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना अब इस सरकार में अपराध हो गया है.

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