दालमंडी में ध्वस्तीकरण के बाद वहां के रहने वाले परेशान हैं। उनका दर्द समझने के लिए सपा का एक प्रतिनिधि मंडल लोगों से मुलाकात करेगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दालमंडी जाने को कहा है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव ने 11 लोगों को राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर नामित किया है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं का नाम सामने आया है। इस लेटर के सामने आने के बाद वाराणसी पुलिस एक्टिव हुई। कई सपा नेताओं को रात से ही हाउस अरेस्ट कर लिया है। पुलिस का कहना है कि दालमंडी जाने की इजाजत नहीं है।
सपा का प्रतिनिधि मंडल आज दालमंडी में पीड़ित परिवारों से मिलेगा। इसके पहले शहर के कई सपा नेताओं के घर पुलिस का पहरा लगा गया। उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया है। इसमें सपा नेता सत्यप्रकाश सोनकर के घर लंका पुलिस पहुंची।
उन्होंने जब इसका कारण पूछा तो बताया गया कि आप का एक प्रतिनिधिमंडल दालमंडी जा रहा है। जबकि दालमंडी में बिना अनुमति के प्रवेश नहीं कर सकते हैं। ऐसे में आप के घर सुरक्षा लगाईं गई है।
सत्यप्रकाश सोनकर ने इसे तानाशाही बताया-उन्होंने कहा पूरे देश में हम संविधान की बात करते हैं और कोई व्यक्ति किसी का दुःख-दर्द जानने के लिए कहीं जा भी नहीं सकता। यह गलत है।
लंका पुलिस देर रात सपा नेता अमन यादव के घर भी पहुंची और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्हें भी बताया गया कि आप दालमंडी नहीं जा सकते हैं। क्योंकि वहां अंदर जाने की किसी को भी अनुमति नहीं है।
इस पर अमन यादव नेकहा- सरकार ने हमें हाउस अरेस्ट किया है। हाउस अरेस्ट करने से बेहतर सरकार हम समाजवादियों को सजाए मौत दे दे। सरकार क्या समझती है कि हम लोग इससे डर जाएंगे, ऐसा नहीं है।
अमन यादव ने कहा- हमें जब-तब पुलिस हाउस अरेस्ट करती है। इससे हम जॉब करने वाले जल्द ही बेरोजगार हो जाएंगे। तो क्या सरकार की यह भी साजिश है। क्योंकि कंपनी ये सब बहाने नहीं सुनेगी। ये सरकार का तानाशाही रवैया है। सपा सरकार इसे नहीं सहेगी और जुल्म के प्रति आवाज उठाती रहेगी
