साल 2025 भारत की राजनीति के लिए बड़े बदलावों और सुरक्षा चुनौतियों वाला रहा है. सत्ता पक्ष (NDA) ने कई राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत की है, वहीं सीमा पर बढ़ते तनाव और घरेलू कानूनों पर विवाद ने सुर्खियां बटोरीं.
साल 2025 में प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में हुए अपडेट्स है:
1. विधानसभा चुनाव और राजनीतिक समीकरण
इस साल के चुनावी नतीजों ने बीजेपी और एनडीए के लिए संजीवनी का काम किया:
दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की वापसी: फरवरी में हुए चुनाव में बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर दिल्ली में अपनी सरकार बनाई. रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया गया, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) 22 सीटों पर सिमट गई.
बिहार में ‘नीतीश-मोदी’ का जादू: नवंबर के चुनाव में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया. बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी और नीतीश कुमार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली.
नगर निकाय चुनाव: उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के नगर निगम चुनावों में भी बीजेपी ने बढ़त बनाए रखी.
2. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सुरक्षा अपडेट
2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर रहा:
पहलगाम हमला: अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई.
ऑपरेशन सिंदूर: इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से सैन्य कार्रवाई की, जिसमें 120 से ज्यादा आतंकी मारे गए. सरकार ने इसे ‘तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक’ करार दिया.
3. संसद और विवादित कानून
संसद का मानसून और शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार रहा:
वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025: इस कानून में 40 से अधिक बदलाव किए गए (जैसे बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल करना), जिसका विपक्ष ने कड़ा विरोध किया.
VB G-RAM-G बिल: सरकार ने मनरेगा की जगह नई ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ योजना को कानूनी रूप दिया.
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन: मणिपुर में जारी हिंसा के कारण मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद वहां राष्ट्रपति शासन को बढ़ाया गया.
4. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा
जगदीप धनखड़ का इस्तीफा: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी.
5. वोट चोरी और SIR विवाद
कांग्रेस और विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया, जिसके बाद चुनाव आयोग ने ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया शुरू की.
6. RSS का शताब्दी वर्ष
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने 100 वर्ष पूरे होने पर
देश भर में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए.
