
भगवानपुर
दिनांक 11 जनवरी 2025, रविवार को भगवानपुर के तारानगर चौराहे के समीप भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता साकेत धाम के पीठाधीश्वर श्री भगवान वेदांताचार्य जी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने समस्त हिंदू समाज से संगठित रहने का आह्वान करते हुए कहा कि कुटुंब व्यवस्था को सुदृढ़ कर ही राष्ट्र निर्माण की आधुनिक अवधारणा को मजबूती प्रदान की जा सकती है।
सम्मेलन की विशिष्ट अतिथि डॉ. वनिता गुप्ता ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि संतान के जन्म के साथ ही राष्ट्र की परंपरा, संस्कृति एवं संस्कारों के बीज बालक के मन में बोने का दायित्व माताओं का है।

मुख्य वक्ता, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, रांची के कुलाधिपति प्रोफेसर जे.पी. लाल ने कहा कि “सभी हिंदू सहोदर हैं”—इस भाव से समाज को संगठित रहने की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्र की संपत्ति, धरोहर, पर्यावरण, कुटुंब एवं पारंपरिक हिंदू संस्कृति को जीवन का आधार बनाकर जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि कुटुंब व्यवस्था हिंदू संस्कृति की अमूल्य देन है, जो समाज को स्थिरता और संस्कार प्रदान करती है।
अतिविशिष्ट अतिथि, आईआईटी (बीएचयू) के प्रोफेसर संदीप त्रिपाठी ने अपने वक्तव्य में कहा कि विज्ञान और सनातन हिंदू धर्म एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि परस्पर पूरक हैं।
मुख्य अतिथि, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. पंकज भारती ने इस प्रकार के आयोजनों को नियमित रूप से करने का आह्वान किया, जिससे समाज में सामाजिक सद्भाव एवं समरसता बनी रहे।
कार्यक्रम का संचालन अरुण जी द्वारा किया गया तथा समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ।
