वाराणसी. वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर महापौर अशोक तिवारी ने निशुल्क शव पंजीकरण की व्यवस्था का शुभारंभ किया. अब हरिश्चंद्र घाट पर आने वाले शवों का पंजीकरण किया जाएगा जो पूरी तरह कंप्यूटरीकृत होगा. इसके पहले मणिकर्णिका घाट पर यह व्यवस्था पहले से लागू है. महापौर ने इस मौके पर बताया कि सिर्फ श्मशान ही नहीं ईसाई और मुस्लिम वर्ग के 12 बड़े कब्रिस्तानों पर भी आंकड़ों के लिए जल्द ही निशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था नगर निगम की तरफ से की जाएगी .हरिश्चंद्र घाट पर पहली पर्ची सोनभद्र के लवकुश शर्मा को जारी की गयी.
हरिश्चंद्र घाट पर शुरू हुआ मोक्ष का पंजीकरण
महापौर अशोक तिवारी ने बसंत पंचमी के दिन हरिश्चंद्र घाट पर शवों का निशुल्क पंजीकरण शुरू किया. नगर निगम द्वारा शहर में रोजाना हो रहे दाह संस्कार के आंकड़ों के लिए यह व्यवस्था शुरू की है.मणिकर्णिका घाट पर पहले से यह व्यवस्था लागू है. इससे दोनों श्मशानों पर आने वाले शवों का स्टीक आकलन नगर निगम कर सकेगा.
महापौर अशोक तिवारी ने कह “पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है. इसका उद्देश्य केवल शहर के मुख्य घाटों पर होने वाले दाह संस्कार का सही आंकड़ा प्राप्त करना है. परिजनों को केवल मांगी गई जानकारी उपलब्ध करानी होगी. जिसके लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं करना होगा. पंजीकरण पर्ची से मृत्यु प्रमाणपत्र निर्गत कराने में सहूलियत होगी.
काशी के घाटों पर शवदाह के पंजीकरण की व्यवस्था हरिश्चंद्र घाट पर निगम ने शुरू की जिसके बाद पहली डिजिटल शवदाह पर्ची (पंजीकरण संख्या: 2026-HARI-00001) सोनभद्र के लवकुश शर्मा (18 वर्ष) को जारी किया. पर्ची में क्यूआर कोड (QR Code) भी दर्ज है ताकि डेटा सुरक्षित रहे .
