भारत के मुख्य न्यायाधीश और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दो दिवसीय दौरे पर 16 और 17 जनवरी को वाराणसी में रहेंगे। उनके आगमन को देखते हुए शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस दौरान बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन और चंदौली में जिला न्यायालय के शिलान्यास का कार्यक्रम है।
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश के आगमन और प्रस्थान मार्गों पर यातायात सुचारु रखने के लिए डायवर्जन लागू किया गया है। शुक्रवार को मैदागिन से गोदौलिया तक नो-व्हीकल जोन रहेगा। शाम 6 बजे के बाद गोदौलिया से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर की ओर जाने वाले सभी वाहन पांडेयहवेली या गिलट बाजार से रामापुरा की तरफ डायवर्ट किए जाएंगे।
पड़ाव और सूजाबाद की तरफ से शहर में आने वाले सभी मालवाहक वाहन शुक्रवार को दोपहर 3 बजे के बाद शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इन्हें रामनगर की ओर डायवर्ट किया जाएगा। शाम 5 बजे के बाद सभी चार पहिया वाहन भी रामनगर की ओर मोड़ दिए जाएंगे और वे राजघाट पुल से शहर में नहीं आ पाएंगे।
शनिवार को रिंग रोड फेज-2 से चंदौली से वाराणसी की तरफ आने वाले सभी चार पहिया वाहन सुबह 8 बजे के बाद प्रतिबंधित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, शुक्रवार को नमो घाट पर सभी प्रकार के टूरिस्ट वाहन और टैम्पो प्रतिबंधित रहेंगे। इन वाहनों को वसंत महिला महाविद्यालय या रेलवे मैदान की पानी टंकी की तरफ पार्क किया जाएगा।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली 16 जनवरी को बनारस पहुंचेंगे। वे बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे। ताज होटल में रात्रि विश्राम के बाद 17 जनवरी को वे चंदौली में जिला न्यायालय के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के पांच और हाईकोर्ट के 18 अन्य न्यायाधीश भी मौजूद रहेंगे।
मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों के आगमन, सुरक्षा, प्रवास और दर्शन-पूजन के संबंध में आयुक्त एस. राजलिंगम ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ तैयारी बैठक की। उन्होंने यात्रा मार्गों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
