वाराणसी में बुधवार को पिंडरा महोत्सव पर प्रेस कांफ्रेंस करने पहुंचे BJP विधायक अवधेश सिंह यूजीसी के सवालों पर भाग खड़े हुए। यूजीसी के नए नियमों से बेखबर विधायक बगलें झांकने लगे, किरकिरी के बाद उल्टा पत्रकारों से ही एक्ट पर जानकारी मांगने लगे।
विधायक के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने भी मोर्चा खोल लिया है। हालांकि सफाई में अवधेश सिंह ने बार-बार यही कहा कि विपक्षी दल सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि जनरल कैटेगरी के छात्रों का आंदोलन भी क्या विपक्षी साजिश है, लोगों को नियमों की आधी-अधूरी जानकारी है।
वाराणसी समेत देशभर में यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध की लहर है। इसमें प्रदर्शनकारी अपने जनप्रतिनिधियों की सहमति भी मांग रहे हैं। बुधवार शाम पिंडरा के विधायक अवधेश सिंह पिंडरा महोत्सव आगाज के लिए सर्किट हाउस पहुंचे थे। उनका मकसद सांस्कृतिक कार्यक्रम की जानकारी देना था, लेकिन पत्रकारों ने यूजीसी के नए नियमों पर सवाल दाग दिए।
इसके बाद यूजीसी एक्ट के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कहकर भागने के मामले ने पिंडरा विधायक अवधेश सिंह को सुर्खियों में ला दिया। पिंडरा महोत्सव की जानकारी के बाद यूजीसी के बारे में उसका स्टैंड पूछे जाने पर विधायक नाराज हो गए। उनका गुस्सा इतना दिखा कि पत्रकारों से तल्ख लहजे में सवाल करने लगे।
जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ होने के सवाल पर अवधेश सिंह ने कहा कि वे भारत मां के हर सपूत के साथ खड़े हैं। चाहे वह किसी भी समाज, धर्म या जाति से आते हों। यह जवाब संतुलन साधने की कोशिश थी, लेकिन इससे उनकी स्थिति और
गुस्से में छोड़ी प्रेस कांफ्रेंस
सवालों से असहज होकर उन्होंने कहा कि उन्हें नए नियमों की जानकारी नहीं है। उल्टा पत्रकारों से ही पूछ लिया कि क्या उन्हें जानकारी है। कहा कि पहले हरिजन एक्ट का दुरुपयोग होता था, लेकिन भाजपा सरकार में फर्जी मुकदमों पर रोक लगी है। उनके जवाब से साफ था कि वे सीधे तौर पर यूजीसी विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने से बच रहे थे।
सबसे नाटकीय पल तब आया जब पत्रकारों ने बताया कि सर्किट हाउस के बाहर उनके विधानसभा क्षेत्र के छात्र धरना दे रहे हैं। इस पर अवधेश सिंह गुस्से में आ गए और कहा कि वे उनके विधानसभा के नहीं हैं। और यदि हैं, तो उन्हें उनके पास ले आएं। पत्रकारों ने पलटकर कहा कि वोट लेने तो वे दरवाजे-दरवाजे जाते हैं, तो छात्रों से भी मिल लें। इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद अवधेश सिंह झल्लाकर प्रेस कांफ्रेंस छोड़कर चले गए।
