शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी से हिन्दू होने का मांगा प्रमाण

Aman Pandey
Aman Pandey
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वाराणसी: प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर तीखे हमले किए हैं। शुक्रवार को वाराणसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने हिंदू होने का प्रमाण मांगा। उन्होंने बताया कि उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया था, जो उन्होंने दे दिया था।

 

शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री को 40 दिन का समय देते हुए गो-भक्त होने का प्रमाण देने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री यह प्रमाण नहीं दे पाते हैं, तो उन्हें ‘नकली हिंदू, कालनेमि, पाखंडी और ढोंगी’ समझा जाएगा। अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सिर्फ दिखावे के लिए गेरुआ वस्त्र धारण किया है।

 

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री और जगद्‌गुरु रामभद्राचार्य गोहत्या बंदी की मांग करने वालों पर हमले कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि मुख्यमंत्री सच में हिंदू हैं, तो गो-माता को राज्य माता घोषित करें और उत्तर प्रदेश से गोमांस का निर्यात बंद करें, अन्यथा उन्हें गैर-हिंदू घोषित कर दिया जाएगा।

 

शंकराचार्य ने घोषणा की कि 10 और 11 मार्च को लखनऊ में सभी संत-महंत और आचार्य एकत्र होंगे। इस बैठक में यह तय किया जाएगा कि कौन असली हिंदू है, कौन हिंदू हृदय सम्राट है और किसे छद्म हिंदू या नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि अब ‘नकली हिंदुओं’ का पर्दाफाश किया जाएगा। अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, हिंदुओं के साथ एक बड़ा छल हो रहा है, और यह छल खुद को साधु, योगी, संत और भगवाधारी कहने वाले व्यक्ति और उसकी पार्टी द्वारा किया जा रहा है।

 

माघ मेला छोड़ने के अपने फैसले पर शंकराचार्य ने बताया कि प्रशासन ने उनसे माफी मांगने के बजाय लालच दिया था। प्रशासन ने फूल बरसाने और अगले साल चारों शंकराचार्यों के लिए प्रोटोकॉल बनाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उन संन्यासियों से माफी मांगने की मांग की थी जिन पर लाठीचार्ज किया गया था, लेकिन प्रशासन इसके लिए आगे नहीं आया।

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