काशी में बिछी शतरंज की बिसात: अक्षत रस्तोगी बने पहले दिव्यांग चेस चैंपियन

Shwetabh Singh
Shwetabh Singh
2 Min Read

वाराणसी. काशी में पहली बार दिव्यांग चेस क्लब काशी और काशी चेस अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में एक ऐतिहासिक शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. लहरतारा स्थित संत नारायण पुनर्वास संस्थान में आयोजित इस स्पर्धा में दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपनी मानसिक दक्षता का लोहा मनवाया.

 

भविष्य की बड़ी योजनाएं

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार के सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. उत्तम ओझा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए घोषणा की कि आने वाले समय में मंडल, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिव्यांग शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा.

पुनर्वास में खेलों का महत्व

विशिष्ट अतिथि और जाने-माने पुनर्वास विशेषज्ञ डॉ. डीबी मिश्रा ने कहा कि दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास और पुनर्वास में खेलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. खेल न केवल मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की शक्ति भी देते हैं.

 

प्रतियोगिता के परिणाम

इस स्पर्धा में कुल 25 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिनके बीच कड़े और रोमांचक मुकाबले हुए.

प्रथम स्थान: अक्षत रस्तोगी (चैंपियन),द्वितीय स्थान: मनोज राय, तृतीय स्थान: सुबोध राय

प्रतियोगिता का सफल संचालन निर्णायक आर्यन वर्मा और सह-निर्णायक चंद्रकांत गुप्ता ने किया। विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर राकेश पांडेय, विनय चौरसिया, प्रदीप राजभर और डॉ. कल्पना दुबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन डॉ. मनोज तिवारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ.

Share This Article
Leave a comment