चंद्र ग्रहण पर, गंगा में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने कमाए पुण्य

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वाराणसी | साल 2022 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 8 नवंबर, 2022 समाप्त हो चुका है. प्रदेश के बड़े मठ मंदिर, काशी विश्वनाथ और संकटमोचन मंदिर के कपाट ग्रहण के दौरान बंद बंद थे. ग्रहण के मोक्ष के बाद मंदिरों का शुद्धिकरण होगा और फिर संध्या आरती चंद्र ग्रहण की अवधि को छोड़कर बाकी पूरे दिन श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाएंगे।

कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए वाराणसी के अस्सी घाट पर चंद्रग्रहण संध्या की बेला में ग्रहण समाप्त करने के बाद गंगा में स्नान मैं श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की लगाई ज्योतिष के अनुसार माने तो इस दिन गंगा या दूसरी पवित्र नदियों में स्नान का महत्व है।

स्नान के बाद किए गए दान, व्रत, तप, जप का लाभ दीर्घ काल तक बना रहता है। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर मंगलवार, 8 नवंबर की दोपहर से चंद्र ग्रहण लग रहा है, जो भारत में शाम 5.40 से दिखाई पड़ेगा. इससे पहले कार्तिक अमावस्या पर सूर्य ग्रहण था और अब पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लग रहा है.

यूं तो चंद्र ग्रहण वैज्ञानिक रूप से एक अद्भुत खगोलीय घटना माना जाता है, लेकिन इसका अपना धार्मिक महत्व भी होता है. लिहाजा ग्रहण के दौरान धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ नहीं होती.

फोटो:वीडियो: अशोक पाण्डेय (उत्तम सवेरा न्यूज़, मीडिया प्रभारी, उत्तर प्रदेश)

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