जंसा (वाराणसी) के अंतर्गत एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ खुद को वकील बताकर लोगों पर धौंस जमाने और रौब झाड़ने वाले एक युवक के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी की पहचान जंसा निवासी रितेश सिंह के रूप में हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी रितेश सिंह लंबे समय से खुद को अधिवक्ता बताकर क्षेत्र में घूम रहा था और लोगों पर अपना प्रभाव बना रहा था। शिकायत के बाद जब इस मामले की जांच की गई, तो आरोपी की पोल खुल गई। बार काउंसिल या संबंधित कानूनी संस्थाओं के रिकॉर्ड में रितेश सिंह का कोई भी आधिकारिक रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) नहीं पाया गया। बिना किसी वैध डिग्री और रजिस्ट्रेशन के वह फर्जी तरीके से वकालत का चोला ओढ़े हुए था।
जांच में मामला सही पाए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रितेश सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) (गलत पहचान बताना), 352 (शांति भंग करना) और 351(2) (criminal intimidation/आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के फर्जी पहचान वाले लोग सीधे-साधे ग्रामीणों को डराने और अपना काम निकलवाने के लिए अक्सर वकालत का झूठा सहारा लेते हैं। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि आरोपी ने खुद को वकील बताकर अब तक कितने लोगों को डराया-धमकाया है या किसी तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
