वाराणसी। शिवपुर नवलपुर पश्चिमी चौराहा प्राचीन हनुमान मंदिर काशी की आध्यात्मिक नगरी शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाए हुए है। शिवपुर क्षेत्र के परमानंदपुर ग्राम सभा की एक किसान की बेटी मुस्कान पटेल ने अपनी मेहनत और लगन से बेहतरीन उपलब्धि हासिल की है। बेंगलुरु स्थित अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन के लिए मुस्कान का चयन हुआ है।
लिखित परीक्षा और ऑनलाइन इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास करने के बाद उन्हें 21 लाख 20 हजार रुपये की स्कॉलरशिप भी प्रदान की गई है। मुस्कान की इस उपलब्धि पर परमानंदपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए उनका भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया। आयोजनकर्ता दशरथ पटेल के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने इस होनहार बेटी को शाल, श्रीफल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। मुस्कान के पिता विनोद पटेल और माता प्रिया देवी ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, फिर भी उन्होंने बेटी को बेटे के समान आगे बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास किया। नंदलाल मास्टर के सहयोग से मुस्कान आज इस मुकाम तक पहुंची है। माता-पिता ने उम्मीद जताई कि आगे भी मुस्कान अपनी सोची हुई राह पर आगे बढ़ेगी और पूरा परिवार तथा समाज उसका साथ देगा।
मुस्कान की सफलता हिंदी भाषी क्षेत्र की छात्राओं के लिए एक मिसाल बन गई है। विकास इंटर कॉलेज के प्रबंधक अशोक सिंह पटेल ने कहा कि मेहनत करने वाले छात्र-छात्राओं को एक दिन अवश्य सम्मान मिलता है और मुस्कान की यह उपलब्धि आसपास के सभी विद्यार्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। मदनलाल मास्टर ने मुस्कान की शिक्षा-दीक्षा में अपनी भूमिका पर गर्व व्यक्त किया। समारोह में गुड़िया पटेल (मेहंदी गंज) को भी भोपाल कैंपस में प्रवेश मिलने पर बधाई दी गई। गुड़िया के पिता मजदूरी करते हैं। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी भाषी पृष्ठभूमि से आने वाली मुस्कान अब पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा हासिल करेगी, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। पंचमुखी संस्था द्वारा फॉर्म भरवाने और ऑनलाइन क्लासेस चलाने का भी आभार जताया गया। लोक समिति नागपुर ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के लिए लाइब्रेरी, किताबें और आर्थिक मदद उपलब्ध कराएं।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किसान मंच अपना दल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश प्रधान, विकास इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. अशोक सिंह, मुस्कान पटेल, उनके माता-पिता विनोद पटेल व प्रिया देवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में दशरथ पटेल, डॉ उदय पटेल राम नरेश सिंह, सुरेश कुमार, राम सूख, देव नाथ, दिलीप पटेल और समूचे ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। मुस्कान की यह सफलता न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे परमानंदपुर और स्थानीय किसान समुदाय के लिए गर्व का विषय बन गई है।
