शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 11 मार्च को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने आश्रम से रवाना हुए। लखनऊ प्रस्थान करने से पहले उन्होंने वाराणसी के प्रसिद्ध संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम और संकट मोचन बाबा का दर्शन-पूजन किया।
शंकराचार्य के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी कवरेज के लिए मंदिर परिसर में पहुंच गए। इसी दौरान कवरेज को लेकर मीडिया कर्मियों और मंदिर परिसर में तैनात गार्ड के बीच कहासुनी शुरू हो गई। मीडिया कर्मी कवरेज की अनुमति और व्यवस्था को लेकर बात कर रहे थे, तभी विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए आपा-धापी जैसी स्थिति बन गई।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार बहस के दौरान एक गार्ड ने एक वरिष्ठ पत्रकार की ओर हाथ उठाकर मारने की कोशिश भी की। घटना के दौरान कुछ तीखे शब्द भी बोले गए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में कई बार वीवीआईपी लोगों को मोबाइल फोन और कैमरे के साथ अंदर जाने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस बार मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोके जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि जब भी मंदिर के महंत जी से जुड़ी कोई खबर होती है तो मीडिया को अंदर बुलाकर सम्मानपूर्वक कवरेज कराया जाता है, लेकिन इस बार मीडिया के साथ हुआ व्यवहार समझ से परे है।
घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि वीवीआईपी लोगों को अंदर मोबाइल और कैमरे की अनुमति मिल जाती है, तो फिर मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोकने और इस तरह का व्यवहार करने की क्या वजह थी। इस पूरे मामले के बाद पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
