वाराणसी:प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेवापुरी (आराजीलाइन) ब्लॉक के ‘सांसद आदर्श ग्राम’ परमपुर से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है।सरकारी दावों के विपरीत,यहाँ की गौशाला बेजुबान जानवरों के लिए ‘डेथ ट्रैप’ साबित हो रही है।
*भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे गौवंश?*
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो में गौशाला परिसर के भीतर जगह-जगह मरी हुई गायें पड़ी दिखाई दे रही हैं।वीडियो बनाने वाले युवक का आरोप है कि यहाँ प्रतिदिन तीन गायों की मौत हो रही है।सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि प्रशासन और ग्राम प्रधान ने गायों के मरने का पहले से ही इंतज़ार कर रखा है—परिसर में गड्ढे पहले से ही खोद कर रखे गए हैं,ताकि जैसे ही किसी गाय की सांसें थमें,उसे तुरंत दफन कर साक्ष्य मिटा दिए जाएं।
*प्रमुख बिंदु:*
*बदहाली की इंतहा:* वीडियो में गायें कीचड़ और गंदगी के बीच पड़ी हुई हैं।पीने के पानी के कुंड भी बदहाल स्थिति में नजर आ रहे हैं।

*प्रधान पर गंभीर आरोप:* ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान और अधिकारी गौशाला के नाम पर आने वाले सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं,जबकि गायें भूख और बीमारी से तड़प-तड़प कर मर रही हैं।
*सांसद आदर्श ग्राम का सच:*
जिस गांव को ‘आदर्श’ होने का गौरव प्राप्त है,वहां गौमाता की ऐसी दुर्दशा प्रशासन की संवेदनहीनता पर बड़े सवाल खड़े करती है।
*क्या जिम्मेदार मौन रहेंगे?*
गौशाला के गेट पर बड़े-बड़े अक्षरों में केयरटेकर और ग्राम प्रधान का नाम तो लिखा है,लेकिन धरातल पर सेवा के नाम पर केवल सन्नाटा और मौत का मंजर है।क्या इस मामले में उच्चाधिकारी संज्ञान लेंगे या फिर इसी तरह ‘आदर्श ग्राम’ की आड़ में बेजुबानों की बलि चढ़ती रहेगी?
