वाराणसी जिले में गैस सिलिंडर की किल्लत बढ़ गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शादी-समारोह से लेकर मिड-डे मील तक यह संकट असर डाल रहा है।
लोग बड़े कार्यक्रमों के लिए सिलिंडर के साथ-साथ लकड़ी और कोयले का भी सहारा ले रहे हैं। कई गैस एजेंसियों पर ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
हालांकि, प्रशासन का दावा है कि जिले में गैस की कोई किल्लत नहीं है और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद, जिले की कई एजेंसियों पर सुबह से ही सिलिंडर लेने वालों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
इस किल्लत का असर वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्पष्ट दिख रहा है। यहां भी गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं।
आगामी ईद और नवरात्र के त्योहारों को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में लोगों की चिंता और बढ़ गई है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में ईद की तैयारियों के बीच गैस की कमी से लोग परेशान हैं, जबकि हिंदू नव वर्ष और नवरात्र के कारण अन्य ग्रामीण भी समस्या से जूझ रहे हैं।
प्रशासन और भारत सरकार द्वारा विभिन्न स्थानों पर गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद आम जनता अभी भी इस व्यवस्था से असंतुष्ट है।
